प्रवासी भारतीय सम्मेलन: लूट को बंद करने का प्रयास नहीं किया कांग्रेस सरकार ने- PM मोदी

आशुतोष त्रिपाठी

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित हो रहे 15वें प्रवासी भारतीय दिवस में प्रवासी भारतीयों का स्वागत करने पहुंचे हैं। उनके साथ इस दौरान उनके साथ मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ भी हैं।

समारोह का शुभारंभ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी के सहयोग से बीते साढ़े चार वर्षों में भारत ने दुनिया में अपना स्वभाविक स्थान पाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। पहले लोग कहते थे कि भारत बदल नहीं सकता। हमने इस सोच को ही बदल दिया है। हमने बदलाव करके दिखाया है।

ये हमारे उस लक्ष्य का भी हिस्सा है जिसके तहत हम भारत की समस्याओं के ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं, जिनसे दूसरे देशों की मुश्किलें भी हल हो सकें। आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती इकोनॉमिक ताकत हैं तो स्पोर्ट्स में भी हम बड़ी शक्ति बनने की तरफ निकल पड़े हैं। आज इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े और आधुनिक संसाधन बन रहे हैं तो स्पेस के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बना रहे हैं।

पीएम ने कहा बीते साढ़े चार वर्षों में 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपए यानि करीब-करीब 80 बिलियन डॉलर हमारी सरकार ने अलग-अलग योजनाओं के तहत सीधे लोगों को दिए हैं, उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए हैं। आज भारत अनेक मामलों में दुनिया का अगुवाई करने के लिए तैयार है। हम ऐसे संसाधन तैयार कर रहे हैं जिससे अनेक देशों की समस्या दूर हो सकती हैं। आज इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में बढ़ रहे हैं तो स्पेस में भी बड़ी सफलता पा रहे हैं।

राजीव गांधी का बिना नाम लिये पीएम मोदी ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि पहले दिल्ली से एक रूपया निकलता है तो पंद्रह पैसे गांव में पहुंचता है। उन्होंने जिस व्यवस्था को दिया, उसे स्वीकार किया था। इसके बाद भी उनकी पार्टी ने इस लूट को बंद करने का प्रयास नहीं किया।हमने टेक्नोलाजी का इस्तेमाल करके इस 85 प्रतिशत की लूट को शत प्रतिशत खत्म कर दिया है।

बीते साढ़े चाल वर्षों में करीब पांच लाख अस्सी हजार करोड़ रुपये हमारी सरकार ने अलग अलग योजनाओं के तहत सीधे लोगों को दिये, उनके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर किये। किसी को घर के लिए, किसी को पढ़ाई के लिए, किसी को गैस सिलेंडर के लिए, किसी को अनाज के लिए दिये गए।

पीएम मोदी ने कहा कि अगर देश पुरानी व्यवस्था पर चलता तो करीब साढ़े चाल लाख करोड़ से ज्यादा रकम छूमंतर हो जाती। अगर व्यवस्था में बदलाव नहीं लाते तो यह राशि लूट ली जाती। यह सुधार पहले भी हो सकता था लेकिन नीयत नहीं थी। इच्छा शक्ति नहीं थी। हमारी सरकार उस रास्ते पर चल रही है कि सरकार के तहत दी जा रही राशि सीधे लाभार्थीं को मिले।पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने बड़ी संख्या में सात करोड़ ऐसे लोगों को हटाया है जो केवल कागज पर थे। पूरे मिशन में जितने लोग हैं। अनेक देशों की जनसंख्या से ज्यादा लोग यहां कागजों में जी रहे थे और कागजों में ही सरकारी सुविधा ले रहे थे।

मोदी ने समारोह में मौजूद सभी लोगों का स्वागत किया। उन्होंने खुद को मेजबान बताया। मैं यहां आपके सामने प्रधानमंत्री के साथ-साथ काशी का सांसद होने के नाते, एक मेजबान के रूप में भी उपस्थित हुआ हूं। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे, मेरी यही कामना है। आप सभी यहां अपने पूर्वजों की मिट्टी की तरफ से खिंचे चले आए हैं। आप सबका अभिनंदन है। दुनियाभर में बसे आप सभी भारतीयों से संवाद का अभियान हम सभी के प्रिय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शुरु किया था।

अटल जी के जाने के बाद पहला प्रवासी भारतीय सम्मेलन है। इस अवसर पर मैं अटल जी को भी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं, उनकी इस विराट सोच के लिए नमन करता हूं। पुर्तगाल, त्रिनिदाद-टोबैगो और आयरलैंड जैसे अनेक देशों को भी ऐसे सक्षम लोगों का नेतृत्व मिला है जिनकी जड़ें भारत में हैं। आप सभी जिस देश में बसे हैं, वहां समाज के लगभग हर क्षेत्र में लीडरशिप के रोल में दिखते हैं। मॉरिशस को प्रविंद जुगनाथ जी पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

इस मौके पर उन्होंने सिद्धगंगा मठ के मठाधीश शिवकुमार स्वामी के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि आज आपसे अपनी बात शुरू करने से पहले, मैं डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी के निधन पर अपना शोक व्यक्त करना चाहता हूं। टुमकूर के श्री सिद्धगंगा मठ में, मुझे कई बार उनसे आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था। आज का दिन मेरे लिए भी विशेष है।

समारोह में यूपी के राज्यपाल रामनाईक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ, विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत अौर केंद्र के साथ राज्य के कई मंत्री भी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.