ई-बस सेवा के लिए लाइव लोकेशन ऐप का उपयोगकर्ता परीक्षण जारीऐप के माध्यम से यात्री जान सकेंगे बसों की लाइव लोकेशनयात्रियों को सड़क पर देर तक खड़े होकर बस का…
Category: वाराणसी
महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल 2025: कला और संस्कृति के माध्यम से विद्यार्थियों से किया संवाद
आशुतोष त्रिपाठी वाराणसी: महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल अपने 9वें संस्करण के साथ 19 से 21 दिसंबर 2025 तक एक बार फिर वाराणसी लौट रहा है। यह फ़ेस्टिवल 15वीं शताब्दी के संत-कवि…
QS सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग्स 2026: IIT BHU ने हासिल की शानदार उपलब्धि
आशुतोष त्रिपाठी वाराणसी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) ने QS सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग्स 2026 में उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए वैश्विक स्तर पर शानदार उपलब्ध हासिल की है। संस्थान ने पिछले वर्ष…
वाराणसी: उर्वरक विक्रेता अपने दुकान पर स्पष्ट रेट बोर्ड लगाए
जिसमें उर्वरकों का निर्धारित मूल्य तथा सरकार दिए द्वारा दिए जाने वाले सब्सिडी का विवरण होना चाहिए कछवा मंडी के पास संचालित बीज एवं खाद की दुकानों की छापेमारी कर…
BHU अस्पताल में इलाज करना हुआ महंगा, OPD की फीस बढ़ी, जानें नई दरें
आशुतोष त्रिपाठीवाराणसी: बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल प्रबंधन ने ओपीडी के शुल्क में वृद्धि की है।अब 30 की जगह 50 रुपये देने होंगे। वहीं राहत की बात ये है…
अन्तर्राष्ट्रीय ज्योतिष संगोष्ठी: तथाकथित ज्योतिषी शास्त्र का दुरूपयोग करते हैं, इनसे बचना चाहिए…..
आशुतोष त्रिपाठी वाराणसी।आज ज्योतिष विभाग द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के तीसरे दिन के चतुर्थ सत्र का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण से किया गया। जिसमें तिरुपति के डा कृष्ण कुमार भार्गव…
अन्तर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन: तृतीय सत्र का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण से हुआ
वाराणसी। शुक्रवार को ज्योतिष विभाग द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन तृतीय सत्र का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण से हुआ। श्री दामोदर बंसल जी ने पंचांग के महत्व…
डॉ पीएल संखुआ को सेवानिवृत्त पर दी गई भावभीनी विदाई
वाराणसी। राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के पंचकर्म विभाग के डॉ पी एल संखुआ को सेवानिवृत्त होने पर महाविद्यालय परिवार द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। लगभग 15 सालों से…
रेत में आकृति की खोज: अगस्त्य पाठक ने रेत पर अपनी कला का जादू दिखाया
आशुतोष त्रिपाठी वाराणसी के गंगा घाट तो हमेशा से ही जीवंत है पर अब गंगा के उस पार रेत भी जीवंत नजर आ रहे है क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी…
