आशुतोष त्रिपाठी
वाराणसी। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के दौर में ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है, जो मरीजों को केवल दवा ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा भी दें। वाराणसी के प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक डॉ. श्रेयांश द्विवेदी इसी विश्वास का पर्याय बन चुके हैं।
रविंद्रपुरी स्थित रवि न्यूरो साइकियाट्री सेंटर के माध्यम से डॉ. द्विवेदी वर्षों से मानसिक एवं व्यवहारिक रोगों से पीड़ित मरीजों का उपचार कर रहे हैं। उनकी पहचान एक कुशल, संवेदनशील और अनुभवी मनोचिकित्सक के रूप में है, जिन पर पूर्वांचल ही नहीं, आसपास के जिलों के हजारों मरीज भरोसा जताते हैं।
आज मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े रोग जैसे डिप्रेशन, एंग्जायटी (घबराहट), तनाव, अनिद्रा, पैनिक अटैक, ओसीडी, बाइपोलर डिसऑर्डर, स्किजोफ्रेनिया, नशा मुक्ति, बच्चों एवं किशोरों की व्यवहार संबंधी समस्याएं तथा बुजुर्गों में भूलने की बीमारी तेजी से सामने आ रही हैं। डॉ. श्रेयांश द्विवेदी इन सभी समस्याओं का वैज्ञानिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार उपचार उपलब्ध कराते हैं।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉ. द्विवेदी इलाज के दौरान हर मरीज की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और बीमारी की प्रकृति को सरल भाषा में समझाकर उपचार शुरू करते हैं। यही कारण है कि उनके पास दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक रोग भी अन्य शारीरिक बीमारियों की तरह ही सामान्य चिकित्सकीय समस्याएं हैं और समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। डॉ. श्रेयांश द्विवेदी भी लोगों से अपील करते हैं कि मानसिक बीमारी को लेकर किसी प्रकार की झिझक या सामाजिक कलंक न रखें। यदि लगातार उदासी, घबराहट, नींद न आना, चिड़चिड़ापन या व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई दे तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
वाराणसी में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने में डॉ. श्रेयांश द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। आधुनिक उपचार, मानवीय व्यवहार और मरीज-केंद्रित चिकित्सा के कारण उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
